Sahara ka Paisa Kab Milega 2023

Sahara ka Paisa Kab Milega: सहारा इंडिया के निवेशकों की जमा राशि जो सालों से फंसी हुई थी, उसकी वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि सहारा की चार सहकारी समितियों में डूबे रुपये लोगों को वापस लौटाने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. आज ‘सहारा रिफंड पोर्टल’ के माध्यम से जमाकर्ताओं को उनकी राशि ट्रांसफर की जा रही है.

बता दें कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 112 लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त हस्तांतरित कर दी है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का कहना है कि अब तक 15 लाख लोगों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है. सहारा के छोटे-छोटे निवेशकों ने शायद ही सोचा होगा कि उनका पैसा वापस आएगा, लेकिन अब ऐसा हो रहा है.

दिलचस्प बात ये है कि सबसे ज्यादा निवेशक उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं. आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगभग 85 लाख लोगों ने चार सहकारी समितियों में 22000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि बिहार में 55 लाख लोगों ने लगभग 15000 करोड़ रुपये का निवेश किया.

केंद्र सरकार की ओर से रिफंड के लिए https://cooperation.gov.in/ पोर्टल बनाया गया है. इस पोर्टल या कहें वेबसाइट को IFCI की सब्सिडियरी ने बनाया है.  यहां पर जाने के बाद जिस किसी को भी अपना पैसा क्लेम लेना है यानी जिन लोगों का पैसा सहारा की कुछ कंपनियों में लगा है वे इस वेबसाइट पर जा सकते हैं और दी गई प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं. यहां पर जाने पर स्क्रीन पर बाईं ओर नीचे की तरफ CRSC Sahara Refund Portal पर क्लिक करना है.

इस क्लिक करते ही https://mocrefund.crcs.gov.in/ पर आ चले जाएंगे.  यहां पर पहुंचने पर बाईं और ऊपर जमाकर्ता पंजीयन पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना है. पूरी प्रक्रिया पालन करें.  यह पर को-ऑपरेटिव सोसायटी के जमाकर्ता अपना-अपना क्लेम बता सकते हैं. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 5,000 करोड़ रुपये सहारा-SEBI रिफंड अकाउंट से CRSC यानी Central Registrar of Cooperative Societies में ट्रांसफर किए गए हैं.

Sahara ka Paisa Kab Milega

बता दें कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट से पैसा लौटाने की व्यवस्था करने का आदेश दिया गया था. इस पर 29 मार्च को सरकार ने कहा था कि 9 महीने के भीतर 10 करोड़ निवेशकों को पैसे लौटा दिया जाएगा. किसी प्रकार की धोखाधड़ी या गड़बड़ी न हो इसलिए सरकार की ओर से पारदर्शी व्यवस्था के अनुरूप वेबसाइट पर क्लेन रजिस्टर करने और फिर क्लेम की जांच के बाद भुगतान की व्यवस्था की गई है.

वेबसाइट के सार्वजनिक किए जाने के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले जमाकर्ताओं को 10,000 रुपये तक का रिफंड मिलेगा. उसके बाद जिन्होंने ज्यादा राशि का निवेश किया है, उनके लिए राशि बढ़ा दी जाएगी. पहले चरण में, 1.7 करोड़ जमाकर्ताओं की जरूरतें पूरी हो जाएंगी, ये देखते हुए कि 5,000 करोड़ रुपये का कॉपर्स मौजूद है.

शाह ने बताया कि एक बार 5,000 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं यानी ये रकम उन लोगों को वापस कर दी जाती है जिनकी यह रकम थी, तब सरकार फिर सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करेगी और उन्हें ज्यादा पैसे रिलीज करने की मांग की जाएगी. इससे दूसरे जमाकर्ताओं की राशि का भी पूरा रिफंड किया जा सकेगा. शाह ने यह भी कहा कि सहारा ग्रुप की चार को-ऑपरेटिव सोसायटी में जमाकर्ताओं को अपने पैसे का रिफंड 45 दिनों में मिल जाएगा.

सरकार की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि क्लेम लेने के लिए दो बातें काफी अहम है. पहली, मोबाइल के साथ आधार का रजिस्ट्रेशन और दूसरी, आधार के साथ बैंक अकाउंट का लिंक होना. इस खाते में रिफंड को जमा किया जाएगा. बता दें कि सहारा की चार को-ऑपरेटिव सोसायटी में करीब 2.5 करोड़ लोगों के 30,000 रुपये तक जमा हैं.

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.